कमीशन के चक्कर में नहीं बन पाया छात्रावास भवन
काम छोड़कर भागा ठेकेदार दोबारा करना पड़ा टेंडर
अब आनन फानन में कार्य पूर्ण करने की कोशिश

कोंडागांव (सच तक 24 न्यूज़) जिले के बड़े राजपुर ब्लॉक में 10 साल पूर्व 50 सीटर कन्या छात्रावास भवन निर्माण का कार्य शुरू हुआ था जो अब तक अपूर्ण स्थिति में है। अब नेताओं एवं प्रशासनिक दबाव के चलते लोक निर्माण विभाग कार्य को आनन-फानन में पूर्ण करने की कोशिश में लगी है जिसके चलते गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे ठेकेदार को मनमानी करने का मौका मिल गया है।
कार्य पूर्ण करने के लिए दूसरी बार निविदा
पूर्व ठेकेदार के द्वारा कार्य अधूरा छोड़ दिया गया जिसका कारण यह बताया जा रहा है कि ठेकेदार को भुगतान नहीं किया जा रहा था तथा कमीशन को लेकर अधिकारियों के बीच में ठन गई थी। जिसके बाद ठेकेदार जो की दुर्ग का था वह कार्य छोड़कर चला गया क्योंकि ठेकेदार को कार्य के एवज में सही भुगतान नहीं मिल पा रहा था। ठेकेदार पर किसी तरह की कार्यवाही भी नहीं की गई। तत्पश्चात लोक निर्माण विभाग ने कलेक्टर से खनिज न्यास निधि से राशि मांग कर बचत कार्य के नाम पर दोबारा निविदा निकाला और 25.51 लाख रुपये की लागत से फिर 8 से 9 साल के बाद कार्य शुरू हुआ। किंतु इस समय भी विभागीय लापरवाही के चलते नए ठेकेदार को भी मनमानी एवं अनियमितता का अवसर मिल गया
गुणवत्ता दरकिनार भ्रष्टाचार बरकरार
विभाग के अधिकारियों की अनदेखी का लाभ उठाकर ठेकेदार ने गुणवत्ता विहीन कार्य शुरू किया ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में किए गए प्लास्टर की हालात बदतर थी छत से कई जगह पर पानी टपक रहा था खिड़की दरवाजे की हालत भी जर्जर हो चुकी थी। नये ठेकेदार ने इसी पुराने कार्य पर लीपापोती शुरू कर दिया। पुट्टी एवं रंग रोगन करके पूर्व में किए गए घटिया निर्माण को दबाने की कोशिश की गई बाद में उच्च अधिकारियों के दखल के पश्चात पुराना प्लास्टर को उखाड़ कर नया प्लास्टर किया गया। ठेकेदार एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी बचत कार्य के नाम पर मिली राशि राशि को मनमाने तरीके से खर्च करना चाह रहे हैं जिससे उक्त राशि का से नए निर्माण करने के बजाय पुराने कार्यों की दिली पपूती की जा रही है। लोकार्पण से पहले छत एवं दीवारों की मरम्मत छत एवं दीवारों पर जो दरार थी उसे पुट्टी से दबाया गया है जिससे करोड रुपए की लागत का यह भवन कब तक टिक पाएगा इस पर लोकार्पण से पहले ही सवाल उठ रहा है ग्रामीणों ने बताया कि भवन निर्माण के समय घटिया निर्माण के चलते एक कलम गिर गया था जिसे पुनः उठाया गया खिड़की दरवाजा की स्थिति बत्तर हो चुकी है उन्हें पेट लगाकर दबाने की कोशिश की जा रही है अभी भवन का लोकार्पण होना बाकी है और बरसात में छत से पानी टपक रहा था जिसे वॉटरप्रूफ एवं सीमेंट का प्लास्टर डालकर मरम्मत किया गया है सवाल यह उठ रहा है कि अभी भवन का लोकार्पण तक नहीं हुआ और मरम्मत की नौबत कैसे आई लोक निर्माण विभाग में यह भ्रष्टाचार का खुला खेल बड़े राजपुर ब्लॉक में लंबे समय से चल रहा है ऐसा ही इस समय 10 साल से बंद रहे भवन को किसी तरह पूर्ण करके लोकार्पण कर दिया जाए और अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर ली जाए इस फिराक में लोक निर्माण विभाग के अधिकारी लगे हैं भ्रष्टाचार के इस खेल में आदिवासी अंचल में नौनिहालों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है
