जनपद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चुनाव संपन्न
सुकमन नेताम अध्यक्ष एवं नारायण नेताम उपाध्यक्ष चुने गए
कोंडागांव (नई दुनिया न्यूज़) बड़े राजपुर जनपद पंचायत में जनपद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चुनाव काफी गहमा गहमी के माहौल में संपन्न हुआ।
जैसा की अनुमान लगाया जा रहा था कि कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों का पलड़ा भारी है यह अनुमान सही साबित हुआ तथा कांग्रेस के सुकमन नेताम अध्यक्ष पद के लिए एक मत से विजयी हुए यहां जनपद अध्यक्ष के लिए कांग्रेस की तरफ से सुकमन नेताम एवं भाजपा से मन्नाराम मरकाम के बीच मुकाबला हुआ जहां सुकमन नेताम को 9 मत मिले तथा मन्नाराम मरकाम को 8 मत मिले। तत्पश्चात उपाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अचानक परिस्थितियां बदल गई तथा यहां कांग्रेस भाजपा के अलावा कांग्रेस पैनल में ही बगावत का माहौल देखा गया। किंतु अंततः कांग्रेस के ही नारायण नेताम जीते । उपाध्यक्ष पद के लिए तीन प्रत्याशियों ने फॉर्म भरा था कांग्रेस के नारायण नेताम भाजपा की ओर से अंजोरी नेताम एवं कांग्रेस की ही हेमलता यदुनंदन सोनी ने भी उपाध्यक्ष पद के लिए फॉर्म भरा था किंतु हेमलता यदुनंदन सोनी ने स्वयं का वोट भी कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी को दे दिया जिससे कांग्रेस की जीत सुनिश्चित हो गई। नारायण नेताम को 9 मत मिले वही अंजोरी नेताम को 8 मत प्राप्त हुआ हेमलता यदुनंदन सोनी को एक भी मत नहीं मिला जिससे यह अंदाज लगाया गया कि हेमलता ने भी नारायण नेताम को वोट देकर एक मत से जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कांग्रेस के लिए संजीवनी बूटी इस जीत से कांग्रेसियों में बेहद खुशी का माहौल देखा गया हालांकि जनपद सदस्यों की संख्या को देखा जाए तो भाजपा का पलड़ा भारी था किंतु भाजपाइयों की लापरवाही के चलते यहां कांग्रेस को जीत मिली इस जीत में कांग्रेस नेता एवं नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य रामचरण शोरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही उन्होंने जनपद सदस्यों को एकजुट करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी तथा उन्हें सैर सपाटे पर ले जाया गया साथ ही अपने नियंत्रण में रखने में सफल रहे। भाजपाइयों की लाख कोशिश के बावजूद उन्हें किसी से मिलने नहीं दिया गया जिससे कांग्रेस की जीत सुनिश्चित हुई।
भाजपा ने अपनी जीत कांग्रेस को परोस दिया
भाजपाइयों का अपने जीते हुए प्रत्याशियों को एकजुट नहीं कर पाना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे भाजपा की गुटबाजी से भी जोड़कर देखा जा रहा है जहां अध्यक्ष पद के लिए एक से अधिक दावेदार थे जिससे भाजपाई पूरी ताकत के साथ एकजुट नहीं हो पाए जिसका नतीजा यह हुआ कि भाजपा जीती हुई बाजी को हार गई।
पूर्व में स्थगित हुआ था चुनाव
बड़े राजपुर जनपद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चुनाव 9 मार्च को होना था किंतु अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित कर 13 मार्च को कराया गया जिससे कांग्रेस के लोग आक्रोशित हो गए थे जिसके चलते इस बार पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई थी। पूरे जिले भर में कांग्रेस की लगातार हार के पश्चात यहां कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों की जीत कांग्रेस के लिए सुकून भरा है। भाजपा ने इस जीत को अपने पक्ष में करने का भरसक प्रयास किया कांग्रेसियों का यह आरोप था कि इसके पूर्व जब 9 मार्च को चुनाव होना था तब उसे जानबूझकर स्थगित किया गया ताकि माहौल को भाजपा के पक्ष में किया जा सके कांग्रेसियों ने इसका जमकर विरोध किया था। कुछ समय के लिए चक्का जाम एवं धरना दिया जिसमें कांग्रेस के पूर्व विधायक संतराम नेताम भी शामिल हुए थे। तत्पश्चात चुनाव की तिथि को आगे बढ़ाते हुए 13 मार्च को चुनाव किया गया।
